मर्यादित खुलापन आज की जरूरत
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- Thursday, 10 January 2013 01:07
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आज की महिलाएं दिल, दिमाग और शरीर से पूरी तरह से मजबूत है. उसे हालात का सामना करना आता है. आज की महिलाएं बिंदास हैं. बिंदास लाइफ स्टाइल आज की महिलाओं की जरूरत तो है, लेकिन बिंदास जीवन में अगर मर्यादा का रस घुल जाए तो वह और भी सुखद हो जाता है... आज समाज में ऐसी कई घटनाएं घट रही है जिनके कारण महिलाएं अब छुईमुई बनना चाह रही है. उनके अंदर एक डर ने जन्म लिया है लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जिन कुछ घटनाओं से बचा जा सकता है इसलिए सतर्क रहें पर जीवन से दूर न भागें. भागना किसी बात का कोई हल नहीं है. महिलाओ को अपनी छवि बदलने की जरूरत है. स्वयं में थोड़े से बदलाव लाकर यदि हम स्वयं को सुरक्षित कर सकते हैं तो ऐसा करने में झिझक महसूस नहीं होनी चाहिए. वर्तमान समय में महिलाओं को मजबूत होने की जरूरत है. वह बिंदास बने, छुईमुई नहीं लेकिन बिंदास का यह अर्थ नहीं है कि दुर्घटनाओं को स्वयं के लिए निमंत्रित किया जाए. जिस माहौल में खुद के लिए खतरा महसूस हो वहां से दूरी बनाए रखना ही उचित है. कभी अगर आपके साथ किसी तरह की छोटी-मोटी घटना हो जाए तो उससे निपटने के तरीकों के बारे में सोचें. पहले ही सतर्क रहें ताकि आपके साथ किसी तरह की दुर्घटना की संभावना ही न हो.
आज के दौर में औरत के लिए अकेले सफर करना और अकेले होटलों में रहना जीवन शैली का हिस्सा हो गया है. अगर आप इस डर से कि कोई आप को देख ना ले छुईमुई बने रहेंगी तो कई बार बराबरी से दूर हो सकती हैं. आज कई ऐसी जगहें हैं जहां पर कपड़े उतारना औरतों की जरूरत हो जाती है हैल्थ क्लबों में जो मैंबर होती हैं, वे वहां जा कर कपड़े बदलती हैं. स्पा क्लबों, वाटरपार्क और स्विमिंग पूल में भी उन्हें इस तरह के समझौते करने पड़ते हैं. क्या इस डर से वे अपना बिंदास जीवन जीना बंद कर दें. ऐसा करने की जरूरत नहीं है. सावधानी के साथ कोई काम करने में कोई हर्ज नहीं होता है.





