महिला की प्रकृति को जाने
- Details
- Thursday, 03 January 2013 00:24
- Hits: 63
महिलाओं प्रकृति हमेशा से ही रहस्यमय का विषय रही है. उनके स्वभाव और व्यवहार के बारे में चर्चाएं तो बहुत हुई हैं लेकिन आज तक कोई इस बात से पर्दा नहीं उठा पाया कि आखिर महिलाओं का मौलिक स्वभाव है क्या? वह किस बात पर गुस्सा हो सकती हैं और कौन सी बात उन्हें प्रसन्न करती है प्राय: कोई भी अभी तक इन सवालों का जवाब नहीं ढूंढ़ पाया है. मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक दोनों ही रूप में महिलाएं पुरुषों से पूरी तरह भिन्न होती हैं. महिलाएं अपनी उम्र, वजन, भावनाएं आदि छिपाने में विश्वास रखती हैं जबकि पुरुष ऐसा कुछ करने के बारे में सोचते भी नहीं है. महिलायें अपने राज सभी से बयां कर देती है.यह धारणा जरूर है पर वे इस बात से कभी सहमत नही होती वे मानती हैं कि उनकी अपेक्षा पूरूष ज्यादा वाचाल और राज बयां करने वाले होते हैं.
बिना पर्स एक कदम गुजारा नही-जब भी महिलायें अपने घर से बाहर निकलती हैं. बिना पर्स एक कदम भी आगे नही चलती. उनके पर्स में क्या होता है किसी को पता नही होता.अपने पर्स या हैंडबैग के बिना महिलाएं घर से बाहर कदम भी नहीं निकालतीं. खाली हाथ चलना उन्हें बड़ा अजीब लगता है इसीलिए हाथ में या तो बैग या पर्स लेकर ही वह बाहर जाती हैं. अब उनके हैंडबैग में ऐसा क्या खास होता है यह भी अभी तक एक राज ही है.
कपड़ों की कमी हमेशा रहती है-कही भी बाहर निकलने से पहले महिलाओं के पास कभी अच्छे कपड़े नहीं होते प्राय: देखा जाता है कि पुरुष कहीं बाहर जाते हैं तो वह कभी उन कपड़ों को पहनने में आनाकानी नहीं करते जिन कपड़ों को पहले भी वह उस जगह पहन कर गए हैं लेकिन महिलाओं के साथ मामला थोड़ा उलटा है. सबसे पहले तो उन्हें अगर कहीं जाना होता है तो कभी उनके पास पहनने के लिए कपड़े नहीं होते. वह अपनी अधिकांश धनराशि कपड़े खरीदने पर ही खर्च करती हैं लेकिन उनके पास कभी भी कुछ ढंग का पहनने के लिए नहीं होता.
खाना खाने के दोहरे मापदंड-महिलाओं का खाना जब कोई महिला किसी पुरुष या अपने दोस्तों के साथ बाहर लंच या डिनर पर जाती है तो वह बहुत कम खाती है. वह प्लेट में थोड़ा खाना लेती है पर फिर भी छोड़ देती है. लेकिन कभी महिलाओं को अकेले या अपनी महिला मित्रों के साथ खाना खाते हुए देखिए तो आपको उनकी वास्तविक डाइट के बारे में पता चल जाएगा. आपको शायद यह जानकर हैरानी होगी कि महिलाएं एक बड़ा पिज्जा अकेले खाने की हिम्मत भी रखती हैं.वे अपने पति बच्चे सभी के छोडेÞ खाने को अन्न का अपमान नही करना है ऐसा सोच कर खा लेती हैं.
टेलीविजन से स्वंय को जोड़ती हैं-आप कई बार सोचते होंगे कि बोरिंग और उबाऊ टेलीविजन सीरियल ही महिलाओं को पसंद क्यों आते हैं, तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इसके पीछे महिलाओं की अपनी स्थिति होती है. टी.वी. सीरियल में आने वाली कहानियों को महिलाएं अपने साथ जोड़ती हैं और यह देखकर आश्वस्त हो जाती है कि उनकी स्थिति टी.वी. सीरियल की हिरोइन से बेहतर है.इन सबके अलावा महिलाओं में और भी बहुत सी खासियत है. वह अपना पूरा दिन शीशे के साामने खुद को निहारते हुए बिता सकती हैं. उन्हें शॉपिंग करनी हो या नहीं वह मोलभाव जरूर करेंगी. महिलाओं को यह बिलकुल नहीं पसंद कि उनकी जैसी ड्रेस कोई और पहने.






